10 Kms Long bathing Ghats at both sides of river Ganga for Kumbh Mela 2019

संगम की रेती पर लगभग 15-16 किमी क्षेत्रफल में बस रहे कुंभ मेला में 15 करोड़ श्रद्धालुओं व पर्यटकों के आने की उम्मीद है। ऐसे में इन्हें सुगम स्नान कराना बड़ी चुनौती होगी। इसके लिए मेला प्रशासन गंगा, यमुना और संगम के दोनों किनारे पर करीब 10 किमी का स्नान घाट बनवा रहा है। अरैल से लेकर फाफामऊ और छतनाग तक यह घाट बालू भरी बोरियों से बनाए जाएंगे। घाटों के किनारे पुआल और सरपत भी रखा जाएगा, जिससे कीचड़ न हो। इसमें एक मिनट में 50 हजार से ज्यादा श्रद्धालु स्नान कर सकेंगे। स्नान के बाद श्रद्धालुओं को गंतव्य तक सकुशल वापस पहुंचाने के लिए भी मेला प्रशासन रणनीति बना रहा है।

इसके अलावा महिलाओं के लिए संगम पर तकरीबन दो हजार चेंजिंग रूम बनाए जाएंगे। तीन हजार के करीब डस्टबिन भी रखे जाएंगे।

गंगा और यमुना नदी पर चार पक्के घाटों का निर्माण कराया जा रहा है। झूंसी में छतनाग और नागेश्वर मंदिर के पास लगभग छह करोड़ रुपये की लागत से पक्के घाट बनाए जा रहे हैं। इसी तरह शहर में मौजगिरि मंदिर के पास तीन करोड़ रुपये की लागत से पक्के घाट का निर्माण कराया जा रहा है। अरैल में सच्चा बाबा आश्रम के सामने तकरीबन 25 करोड़ की लागत से पक्का घाट बनाया जा रहा है।

शाही स्नान को अलग घाट
कुंभ के दौरान प्रमुख स्नान पर्वों पर अखाड़ों के शाही स्नान के लिए संगम पर अलग घाट बनेंगे। अखाड़ों के आने-जाने के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए जाएंगे। इसके अलावा किला के पास दो वीआइपी घाट बनाए जा रहे हैं।
स्नान घाटों पर आकर्षक लाइटिंग कराई जाएगी। खासतौर पर संगम पर एलईडी लगाई जाएगी।

Kumbh Mela Allahabad 2019: Ready to set new records

संगम की रेती पर अगले वर्ष धर्म और अध्यात्म का संगम नजर तो आएगा ही। साथ ही कई रिकार्डों का गवाह भी बनेगा। कुंभ-2019 को केंद्र और प्रदेश सरकार के प्रयास से अलौकिक होगा। तैयारियां कुछ इस तरह की जा रही हैं कि कई रिकॉर्ड भी बनेंगे। वह भी कोई एक, दो नहीं, बल्कि नौ। कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद के अनुसार 15 जनवरी से चार मार्च तक आयोजित कुंभ मेला रिकॉर्डों के लिए भी याद किया जाएगा।

संत करेंगे देहदान :
अखाड़ों से जुड़े कई साधु-संत अपना शरीर चिकित्सा विज्ञान के लिए दान करने की घोषणा कर नई परंपरा शुरू करेंगे। इससे मेडिकल के विद्यार्थी शरीर क्रिया विज्ञान का अध्ययन कर मानवता की सेवा कर सकेंगे।

दुनिया के हर कोने से आएंगे श्रद्धालु :
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की ओर से विश्व के 195 देशों के प्रतिनिधियों को आमंत्रण भेजा गया है। पहली बार अप्रवासी भारतीयों को भी बुलाया जा रहा है। इनके लए टेंट सिटी अलग से बसाई जा रही है।

देश के सभी गांवों को न्योता :
योगी सरकार देश के हर गांव को पत्र भेजकर अनुरोध करेगी कि सभी गांवों के लोगों को कुंभ में आने का यूपी का संदेश पहुंचाएं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद भी सभी राज्यों के राज्यपाल और मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित करेंगे।

सबसे बड़ा पार्किग स्थल :
कुंभ में करीब छह लाख वाहनों के लिए 1193 हेक्टेयर जमीन पर 120 पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे। 2013 के कुंभ में 478 हेक्टेयर में 99 पार्किंग स्थल बनाए गए थे।

हवाई मार्ग से जोड़ा जाएगा :
कुंभ से पहले इलाहाबाद को देश के 14 शहरों से हवाई मार्ग से जोड़ दिया जाएगा। इसके साथ ही कुंभ मेला मार्ग पर महापुरुषों के नाम पर कई गेट भी बनाए जाएंगे।

कुंभ गान किया जाएगा तैयार :
कुंभ के महात्म्य, प्राचीनता, अध्यात्मिकता बताने के लिए कुंभ गान तैयार किया जा रहा है। हिंदी में तैयार हो रहे इस गाने का अनुवाद अन्य भाषाओं में कराया जाएगा। इसमें बॉलीवुड की भी मदद ली जाएगी।

अत्याधुनिक कुंभ संग्रहालय बनेगा :
प्रदेश सरकार संगम नगरी में 300 करोड़ रुपये से अत्याधुनिक कुंभ संग्रहालय बनाने की तैयारी कर रही है। इसमें इलाहाबाद की धार्मिक, ऐतिहासिक व अन्य जानकारी डिजिटल स्क्रीन पर दिखाई जाएंगी। इस बार के कुंभ में यह पूरी तरह से नहीं तैयार हो पाएगा, मगर इसकी झलक अवश्य दिखेगी।

सभी रास्तों पर होगी सुरक्षा :
इलाहाबाद की ओर आने वाले करीबी जिलों के रास्तों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को रास्ते में होने वाली दिक्कतें दूर की जा सकें।

एक लाख शौचालय बनेंगे :
लगभग एक लाख शौचालय कुंभ मेले में बनाए जाएंगे। इसके साथ ही स्वच्छता पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके लिए अलग से यूनिट तैनात की जाएगी।

Courtesy: Dainik Jagran dated on 11th Oct 2018

इलाहाबाद अर्धकुंभ 2019: पर्यटकों के लिए खास होगा मेला, ये होंगे मुख्य आकर्षण

इलाहाबाद में जनवरी 2019 में होने वाले अर्धकुंभ मेले में अच्छी खासी भीड़ जुटने की उम्मीद है। अर्धकुंभ मेला हर 6 साल बाद होता है और केवल इलाहाबाद और हरिद्वार में ये मेला लगता है। आप भी कुछ महीने बाद लगने वाले इस कुंभ मेले का हिस्सा बन सकते हैं। अर्ध कुंभ मेला 14 जनवरी से 4 मार्च 2019 तक चलेगा है। इस बार के अर्ध कुंभ में काफी चीजें खास तौर पर होंगी जो पहले कभी नहीं हुई हैं। अगर आप यहां जाने की योजना बना रहे हैं तो मेले से जुड़ी इन खास बातों को जानकार ही यात्रा की योजना बनाएं। यहां हम आपको अर्ध कुंभ मेले के प्रमुख आकर्षणों की जानकारी दे रहे हैं।

लग्ज़री टैंट में ठहरने का विकल्प
कुंभ मेले के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब श्रद्धालु लग्ज़री टैंट में ठहर सकेंगे। अपने बजट के हिसाब से पर्यटक डीलक्स, सुपर डीलक्स और सुइट में से चुन सकते हैं। इन टैंट का किराया 10 हजार रुपए प्रतिदिन से शुरू होता है। इसके अलावा इस बार हेलिकॉप्टर व्यू और लेजर शो भी देखने को मिलेगा। सरकार ने इसके लिए काफी तैयारी कर रही है।

शाही स्नान
शाही स्नान का कुंभ मेले में काफी महत्व होता है शाही स्नान सबसे पहले अखाड़े के साधु करते हैं इनके बाद ही आम आदमी पवित्र गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम पर स्नान कर सकते हैं। इसके लिए आम लोग सुबह 3 बजे से ही लाइन लगा लेते हैं और साधुओं के स्नान के बाद नहाने जाते हैं। इस बार पहला शाही स्नान 15-15 जनवरी, दूसरा 4 फरवरी और तीसरा 10 फरवरी को है।

अखाड़ा और साधु
अखाड़े वो स्थान होते हैं जहां धार्मिक संगठन मिलते हैं इनमें अधिकतर साधु होते हैं। शिव की पूजा करने वाले अखाड़े का नाम शैव अखाड़ा होता है जबकि भगवान विष्णु को पूजने वाले साधुओं के अखाड़े का नाम वैष्णव अखाड़ा होता है। यहां आपको नागा, अघोरी जैसे कई तरह के साधु मिल जाएंगे। इन साधुओं के बारे को देखने और समझने की यह सबसे अच्छी जगह है।

सत्संग
कुंभ मेले के दौरान आपको जगह-जगह सत्संग होते हुए मिले जाएंगे। कई साधु सन्यासी हिंदू धर्म के बारे में प्रवचन देते हुए मिलेंगे। यहां कई आश्रम होते हैं जहां आप जब बैठकर सत्संग सुन सकते हैं। हिंदू धर्म को करीब से समझने का यह सुनहरा मौका होता है क्योंकि प्रवचन दे रहे साधु-सन्यासियों को हिंदू धर्म की काफी जानकारी होती है।

लंगर
इस दौरान खाने की कोई समस्या नहीं होती क्योंकि जगह-जगह लंगर चल रहे होते हैं इनमें साधु सन्यासियों के साथ आम आदमी को भी भोजन कराया जाता है। यहां खाने के लिए एक कम्यूनिटी एरिया बना होता है जहां फ्री में खाना दिया जाता है। अगर आप खाने नहीं भी जाना चाहते हैं तो इसकी फोटो क्लिक कर सकते हैं।

News Curtesy: Nav Bharat Times dated on 27th Sept 2018

The government is to envisaged vegetarian & teetotaller cops only for Kumbh Mela 2019

Wanted: Men — young, energetic, vegetarian, teetotaller, non-smoker and soft-spoken. This is no matrimonial advertisement, but the qualities the Kumbh Mela administration is looking for in policemen to be deployed during the Mela in Allahabad, starting January 15 next year.

This apart, the policemen should also have “certified good character” clearances from their seniors. The department has also decided no police official on duty during the Kumbh should belong to Allahabad.

Deployment of security will start by October. More than 10,000 men in uniform, including paramilitary personnel, are expected to be on duty during the Kumbh.

An age limit has been set for various ranks — constables to be assigned duties should be below age 35, head constables below 40 and sub-inspectors and inspectors below 45 years.

DIG (Kumbh) K P Singh, said, “We’ve written to the SSPs of Bareilly, Badaun, Shahjahanpur and Pilibhit to verify the character of policemen who have applied for the Mela duty as the department seeks only vegetarian, non-smoking, non-drinking and soft-spoken policemen for the period.”

Starting October 10, police will be assigned duties in four phases. Around 10% will be deployed in the first phase, Singh said, and 40% in the second phase in November. In phases three and four, 25% of paramilitary forces will be deployed in December.

The DIG added that he has written to SSPs to interview policemen personally as officials for the second, third and fourth phases will be coming from western and other parts of the state.

News courtesy: Times of India dated on 28th Sept 2018

Government to send invitations to 192 countries for Kumbh Mela Allahabad 2019

The nearly two-month-long Kumbh Mela will start from January 15 and end on Mahashivratri on March 4 in 2019.
Uttar Pradesh chief minister Yogi Adityanath said on Monday his government will invite more than 190 countries around the world to the Kumbh Mela next year in Allahabad when millions will take a dip in the sacred waters of the Ganga.
“Kumbh is the biggest congregation of culture and faith on earth. Invitations are being sent to 192 countries for Kumbh Mela. The government is also making arrangements to ensure that at least two people from each of the six lakh villages of the country visit Kumbh,” Yogi said while inaugurating the two-day UP Travel Mart in Lucknow.
The chief minister is also personally extending an invitation to all visiting foreign dignitaries and has already invited the heads of countries he met during his foreign visits.
The state government is also planning to provide an international platform to Kumbh Mela through international tour operators, who have assembled in Lucknow for the fourth UP Travel Mart. Around 53 international tour operators from 23 countries and 19 prominent Indian tour operators are attending the event.
The nearly two-month-long Kumbh Mela will start from January 15 and end on Mahashivratri on March 4 next year. At least 150 million devotees and tourists are expected to attend the Kumbh Mela, which is among the 13 elements from India on UNESCO’s list of “intangible heritage”.
The festival has its origins in Hindu mythology which says Lord Vishnu wrested a golden pot containing the nectar of immortality from demons. Four drops fell on the four locations across India, in the cities of Allahabad, Haridwar, Ujjain and Nasik in a 12-day fight for possession. The Kumbh Mela is held at one of these spots every six years, with the festival at Allahabad the holiest of them all.
The Modi government has also directed all Indian ambassadors deputed in foreign countries to promote Kumbh Mela in their respective countries of posting. The Centre is also sending separate invites for Kumbh Mela through foreign ambassadors posted in India.
Commenting on the state’s tourist potential, Adityanath said the northern state would be the best destination for tourism in the country. “Five world heritage sites are in Agra alone,” he added.
The chief minister said there was immense eco-tourism potential in Dudhwa National Park in Lakhimpur Kheri district and Sonbhadra. He also spoke about the Ramayana, Krishna and Buddhist tourist circuits and air connectivity in the state while assuring security and adequate transportation facilities for tourists visiting the state.
Courtesy: Hindustan Times

Best time to visit Kumbh Mela Prayag Raj 2019

The Kumbh Mela at Prayag Raj is starting from 15th January 2019 & will last till 4th March 2019 at Prayag Raj. 

The Kumbh at Allahabad is on the UNESCO’s Representative List of Intangible Heritage of Humanity & one of the largest gathering at the Earth, more than 100 Million are expected to participate in Holy event from all over the world (as per the government estimation).

The Akhara Parishad has declared total 6 bathing dates for Kumbh Mela 2019. The Akhara parishad is an apex body to regulate Kumbh Mela in India.

There are 3 kinds of bathing dates in Kumbh Mela. These dates can be classified into Royal Bathing dates, Important bathing dates & normal bathing dates.

Royal Bathing (Shahi Snan)

Royal bathing or ceremonial bathing dates are such dates on which special procession of Akharas & Naga Sadus takes place for the holy dip. The ceremony starts from the camp of Akharas & excursion ends at the bank of river by taking dip.

The Devotees standing around the road, & shower flowers, money etc to the saints & naga sadus. Therefore the royal bathing procession is most sacred & appealing event of entire kumbh mela.

The Akhara Parishad declears these dates for every Kumbh mela. 15th January (Makar Sankranti), 4th February (Mauni Amawasya) & 10th February (Basant Panchami) are Royal bathing dates in Kumbh Mela at Prayag Raj 2019.

As Royal bathing are highly rated dates to participate, it attracts crowd of millions, tight traffic restrictions & high demand of accommodation hence higher prices as well as.

We recommend these dates for photo opportunity, Astrologers etc. At-least minimum 4-5 days required to attend any Royal bathing dates.

Important Bathing Dates

These dates are 21st January (Paush Purnima), 19th February (Maghi Poornima) & 4th March (Maha Shivratri). Mentioned dates are high on importance yet less crowded in comparison to Royal bathing dates.

These dates are sacred & happening dates of Kumbh Mela. However, there is no royal procession of akharas & Naga sadus on these dates but one can easily visit to akharas, interact with spiritual gurus & naga sadus.

We recommend these dates for holi dip, Kumbh Experience & culture study etc. Minimum 2-3 days required to attend Kumbh Mela on above dates.

Normal Bathing Dates

Except Royal bathing & Important bathing dates as mentioned above, rest all dates comes under normal bathing dates. These dates are ideal for people coming for holy dip, longer stay, kumbh experience, to witness Indian culture etc. Therefore  1-2 days required to experience these dates during the Kumbh.

Cruise in Kumbh Mela 2019 : Tourists to Tour Along Ganga, Yamuna Ghats

The iconic Kumbh Mela is all set to get a new attraction- cruise ships- which will give you a tour of the ghats of Ganga and Yamuna. In order to promote religious tourism in the state, the Kumbh Mela administration have planned to ply two cruise ships which will give an extensive tour of the holy ghats and allow the tourists to have a surreal experience.

The cruise which has been launched under the water transportation scheme will ply from Sujawan ghat near Ghurpur till Quila ghat near Sangam, covering an approximate distance of 20 kilometres. The cruise however will not be available on Makar Sankranti, Mauni Amavasya and Basant Panchmi due to the heavy influx of pilgrims.

DIG and SSP Kumbh KP Singh said, “This would be first time when a cruise vessel would be plied on Ganga and Yamuna to promote tourism during Kumbh Mela.” Moreover, the Inland Waterways Authority of India (IWAI) has agreed to ply the cruise vessel during the Kumbh Mela, Singh said. Jettis will be constructed by the IWAI authorities to facilitate the movement of the tourists.

The UP government has already started gearing for the Kumbh Mela, that is slated for next year. Apart from the introduction of cruise ships, the grand religious event will also see at least 55 Motor Bike Fire Fighting Systems to ensure the security of pilgrims, visitors and tourists at large. Also, hi-tech lost and found camps will be in place.

A slew of other events will be also be in parallel to the Kumbh Mela 2019. If all goes according to the Yogi- government’s plan, then Allahabad will be renamed as Prayagraj before the beginning of the Kumbh 2019. Not just this, UP government is also trying to popularise the Kumbh in other countries of the world. As per a government official, international branding of the religious congregation is being undertaken.

Kumbh 2019 budget estimate: Over Rs 4,200 crore

Uttar Pradesh has drawn up an estimate of more than Rs 4,200 crore for the preparations around next year’s Kumbh Mela in Allahabad and has asked the central government to bear more than half the cost.

This will make the mega pilgrimage in 2019 the costliest ever. The last full Kumbh Mela in 2013 cost less than a third of the amount estimated for next year. “A shelf of projects worth Rs 4,236 crore has been readied for Kumbh. The UP government has already allotted Rs 2,000 crore for the same and the UP chief secretary has written to the central government asking for a grant of Rs 2,200 crore,” show the minutes of a review meeting held earlier this month and attended by the chief secretary.

Only about Rs1,300 crore were spent in 2013, with the then UPA government at the Centre pitching in with Rs1,017 crore.

Ardh Kumbh is held in every six years, while the Kumbh Mela comes after 12 years. The Yogi Adityanath government in UP has renamed Ardh Kumbh as Kumbh and the full Kumbh as Maha Kumbh.

The Kumbh from January to March is being pitched as the grandest ever with the ruling BJP at the Centre and in UP aiming to reap political gains from it ahead of the 2019 general elections.

For 2019 the Kumbh, the central government is working on inviting representatives from all 192 countries and people from all the six lakh villages in India, the minutes show. The Union tourism ministry is developing a designated area to hoist the flags of the 192 countries during Kumbh.